भारतीय शेयर बाजार में हाल के महीनों में भले ही भारी बिकवाली देखने को मिली हो, लेकिन विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की रणनीति पूरी तरह एकतरफा नहीं रही है। जहां एक ओर मार्च 2026 में FIIs ने करीब ₹1.14 लाख करोड़ की बड़ी निकासी की, वहीं दूसरी ओर उन्होंने चुनिंदा शेयरों में जमकर खरीदारी भी की और अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई। पश्चिम एशिया में तनाव, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और रुपये की कमजोरी जैसे कारणों से बाजार पर दबाव बना रहा। इसी के चलते Nifty 50 का फॉरवर्ड P/E भी 21.5 से घटकर करीब 18–18.7 के स्तर तक आ गया, जो यह दिखाता है कि वैल्यूएशन में अच्छा-खासा करेक्शन हुआ है। इस माहौल में FIIs ने जिन कंपनियों पर भरोसा जताया, उनमें सबसे बड़ा उछाल Sammaan Capital में देखा गया, जहां उनकी हिस्सेदारी लगभग 25% से बढ़कर 46% के पार पहुंच गई। इसके अलावा Multi Commodity Exchange of India (MCX) में भी विदेशी निवेशकों ने हिस्सेदारी 20.6% से बढ़ाकर 26% कर दी, जो कमोडिटी ट्रेडिंग में बढ़ती गतिविधियों का संकेत है। रिटेल सेक्टर की कंपनी Vishal Mega Mart में भी FIIs का स्टेक 22% तक पहुंच गया, जो भारत में बढ़ती खपत और विस्तार योजनाओं पर उनका भरोसा दिखाता है। फाइनेंशियल सेक्टर में भी विदेशी निवेशकों की दिलचस्पी बनी रही। Home First Finance Company, Aditya Birla Capital और Aptus Value Housing Finance India जैसी कंपनियों में FII हिस्सेदारी में अच्छा इजाफा हुआ। इसी तरह Capri Global Capital और IndusInd Bank में भी विदेशी निवेशकों ने अपनी पकड़ मजबूत की। बैंकिंग और NBFC सेक्टर में सुधार, बेहतर एसेट क्वालिटी और क्रेडिट ग्रोथ इन निवेशों के पीछे मुख्य वजह रही। इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्रियल ग्रोथ की थीम पर APL Apollo Tubes में हिस्सेदारी बढ़ाई गई, जबकि रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में Suzlon Energy में भी FIIs ने हल्की लेकिन सकारात्मक खरीदारी जारी रखी। कुल मिलाकर, बाजार में भले ही गिरावट और अनिश्चितता का माहौल हो, लेकिन FIIs का यह कदम दिखाता है कि वे चुनिंदा सेक्टर्स और मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियों में लंबी अवधि का अवसर देख रहे हैं।
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