भारत में आने वाले समय में महंगाई बढ़ने का खतरा जताया जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार देश की महंगाई दर भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के तय दायरे से ऊपर जाकर लगभग 5% तक पहुंच सकती है। इसकी बड़ी वजह सिर्फ अंतरराष्ट्रीय घटनाएं नहीं, बल्कि घरेलू मौसम की स्थिति भी मानी जा रही है। अमेरिका-ईरान युद्ध और वैश्विक सप्लाई चेन संकट के बीच भारत अभी तक बड़ी महंगाई से बचा रहा, लेकिन अब मौसम की मार नई चुनौती बन सकती है। इस साल देश में भीषण गर्मी और हीटवेव ने कई राज्यों में हालात बिगाड़ दिए हैं। तापमान कई जगहों पर 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिससे बिजली की मांग तेजी से बढ़ी है। एयर कंडीशनर और कूलिंग उपकरणों के बढ़ते इस्तेमाल ने एनर्जी खपत को रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा दिया है। साथ ही सरकार ने संकेत दिए हैं कि इस बार मानसून सामान्य से कमजोर रह सकता है, जिससे कृषि उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। इससे खाद्य पदार्थों की कीमतों में बढ़ोतरी का दबाव बढ़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में महंगाई का सबसे बड़ा हिस्सा खाद्य वस्तुओं से जुड़ा होता है, जो CPI में लगभग 37% योगदान देता है। यदि बारिश कम होती है तो फसल उत्पादन घट सकता है और किसानों की लागत बढ़ सकती है, खासकर सिंचाई और डीजल खर्च के कारण। वहीं कच्चे तेल की कीमतें पहले से ही अंतरराष्ट्रीय तनाव के चलते ऊंची बनी हुई हैं, जिससे ईंधन और परिवहन लागत भी बढ़ सकती है। इन सभी कारणों से आने वाले महीनों में महंगाई का दबाव और अधिक गंभीर रूप ले सकता है।
Dharmakshetra, Shiv Shakti Mandir, Babu Genu Marg,
Sector 8, Rama Krishna Puram,
New Delhi, Delhi 110022
+91 80031 98250
info@mysba.co.in