नई दिल्ली में आयोजित विश्व बौद्धिक संपदा दिवस के समापन सत्र में केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री Piyush Goyal ने देश की बौद्धिक संपदा (Intellectual Property) क्षमता के बेहतर उपयोग के लिए नवाचार को सबसे जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि भारत के पास प्रतिभा और विचारों की कोई कमी नहीं है, लेकिन इन विचारों को सुरक्षित और मूल्यवान संपत्ति में बदलने के लिए उन्हें पेटेंट, ट्रेडमार्क और अन्य बौद्धिक संपदा अधिकारों के तहत संरक्षित करना बेहद आवश्यक है। मंत्री ने नव-प्रवर्तकों, छात्रों और उद्यमियों से अपने नए विचारों का पंजीकरण कराने और उन्हें व्यावसायिक रूप देने का आह्वान किया। कार्यक्रम में उन्होंने यह भी कहा कि देश में नवाचार को मजबूत करने के लिए बौद्धिक संपदा और तकनीकी विकास को साथ लेकर चलना होगा। उन्होंने विशेष रूप से खेल क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की, जिसके तहत खेलों से संबंधित बौद्धिक संपदा पंजीकरण पर अगले तीन वर्षों तक शुल्क माफ किया जाएगा। इस कदम का उद्देश्य युवा खिलाड़ियों, कोचों और खेल तकनीक से जुड़े स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन देना है, ताकि वे अपने नवाचारों को बिना वित्तीय बोझ के सुरक्षित कर सकें। पीयूष गोयल ने यह भी कहा कि यह पहल भारत के समग्र बौद्धिक संपदा पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करेगी और देश को वैश्विक नवाचार केंद्र बनाने में मदद करेगी। सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक लोग अपने विचारों को केवल सोच तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें कानूनी सुरक्षा देकर आर्थिक अवसरों में बदलें। इस नीति से युवाओं और उद्यमियों को नए स्टार्टअप शुरू करने और तकनीकी विकास में आगे बढ़ने का बेहतर अवसर मिलेगा।
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