गैस,डीजल,पेट्रोल बचाना ही आज की सबसे बड़ी देशभक्ति

यह पूरा संवाद एक तरह से “ऊर्जा आत्मनिर्भरता और देश के व्यापार घाटे” पर आधारित जागरूकता चर्चा को दर्शाता है, जिसमें यह समझाने की कोशिश की गई है कि आम लोग और सरकार मिलकर छोटे-छोटे कदम उठाकर देश के बड़े आर्थिक नुकसान को कैसे कम कर सकते हैं। इस बातचीत में बताया गया है कि भारत हर दिन कच्चे तेल और गैस के आयात पर बहुत बड़ी राशि (लगभग 5600 करोड़ रुपये प्रतिदिन) बाहर भेजता है, जिससे देश का व्यापार घाटा बढ़ता है। वक्ता का कहना है कि अगर लोग अपनी जीवनशैली में छोटे बदलाव करें जैसे रसोई गैस की जगह बिजली या इंडक्शन का उपयोग बढ़ाना, सप्ताह में एक दिन पेट्रोल-डीजल वाहन कम चलाना, एसी का तापमान 16-17 की बजाय 24 डिग्री रखना—तो बड़ी मात्रा में ईंधन की बचत हो सकती है। इसके साथ ही सरकार की भूमिका भी महत्वपूर्ण बताई गई है, जैसे PNG पाइपलाइन का विस्तार, गोबर गैस प्लांट को बढ़ावा देना, वेस्ट-टू-एनर्जी प्रोजेक्ट्स को तेज करना और सोलर रूफटॉप को व्यापक स्तर पर लागू करना। अंत में यह संदेश दिया गया है कि अगर देश और सरकार दोनों मिलकर “ऊर्जा आत्मनिर्भरता” को मिशन की तरह अपनाएं, तो भारत अपने आयात बिल को काफी हद तक कम कर सकता है और आर्थिक रूप से मजबूत बन सकता है। यह विचार इस विश्वास पर आधारित है कि छोटे-छोटे व्यक्तिगत प्रयास मिलकर बड़े राष्ट्रीय बदलाव ला सकते हैं।

Vivek Kankate
26
Get In Touch

Dharmakshetra, Shiv Shakti Mandir, Babu Genu Marg,
Sector 8, Rama Krishna Puram,
New Delhi, Delhi 110022

+91 80031 98250

info@mysba.co.in

Follow Us
Useful link

About Us

Contact Us