स्वदेशी जागरण मंच एवं स्वावलंबी भारत अभियान के तत्वावधान में एक दिवसीय द्वि जिला विचार एवं प्रशिक्षण वर्ग का आयोजन 3 मई 2026 को प्रधानमंत्री भारतरत्न श्री गुलज़ारीलाल नंदा स्मारक स्थित प्रांत कार्यालय, सदाचार स्थल में किया गया। वर्ग में कुरुक्षेत्र एवं कैथल जिलों से लगभग 60 कार्यकर्ताओं ने सहभागिता की। कार्यक्रम प्रातः 9 बजे से सायं 5 बजे तक चला। कार्यक्रम का शुभारंभ महिलाओं द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर स्वदेशी जागरण मंच एवं स्वावलंबी भारत अभियान की भव्य प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र रही। पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के साथ संपूर्ण वर्ग को प्लास्टिक मुक्त रखा गया। वर्ग में 4 सत्रों के अंतर्गत 14 विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई, जिसमें 14 वक्ताओं ने मार्गदर्शन दिया। साथ ही प्रेरणादायी 2 गीत एवं 1 कविता का प्रस्तुतीकरण भी किया गया। उद्घाटन सत्र में प्रांत संयोजक डॉ. अंकेश्वर प्रकाश ने स्वदेशी विचार को राष्ट्र निर्माण का आधार बताते हुए कार्यकर्ताओं से समाज के प्रत्येक वर्ग तक स्वदेशी एवं स्वावलंबन का संदेश पहुंचाने का आह्वान किया। सह जिला संयोजक श्री रविंद्र पवार ने राष्ट्रऋषि श्रद्धेय दत्तोपंत ठेंगड़ी जी के जीवन एवं स्वदेशी चिंतन पर प्रकाश डाला। जिला महिला प्रमुख डॉ. सीमा ने स्वदेशी कार्य में महिलाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए परिवार एवं समाज में उनके योगदान को रेखांकित किया। जिला कोष प्रमुख श्री कंवल सचदेवा ने स्वदेशी आंदोलन के प्रथम अमर शहीद बाबू गेनू सैद के जीवन संघर्ष का उल्लेख करते हुए कहा कि देशभक्ति हर नागरिक का दायित्व है। वहीं प्रांत सचिव, स्वदेशी शोध संस्थान डॉ. रणबीर सिंह ने कुरुक्षेत्र क्षेत्र में रोजगार की संभावनाओं एवं विकास के विभिन्न आयामों पर विचार रखे। प्रथम सत्र का संचालन जिला संयोजक डॉ. अजय जांगड़ा ने किया। द्वितीय सत्र में अखिल भारतीय सह समन्वयक डॉ. राजेश गोयल ने कहा कि स्वावलंबी भारत अभियान देश को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि स्वदेशी एवं स्वावलंबन ही भारत के आर्थिक विकास का मूल आधार हैं तथा प्रत्येक व्यक्ति को राष्ट्र के प्रति निष्ठा और आत्मविश्लेषण के साथ कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज पूरा विश्व भारत की ओर आशा भरी दृष्टि से देख रहा है। जैसे चीन ने विनिर्माण और अमेरिका ने पेटेंट एवं शोध को बढ़ावा देकर वैश्विक पहचान बनाई, उसी प्रकार भारत भी स्वदेशी को आधार बनाकर विश्व में अग्रणी भूमिका निभा सकता है। प्रांत प्रचार प्रमुख श्री दुलीचंद ने प्रचार-प्रसार के महत्व पर बल देते हुए कहा कि विदेशी मानसिकता से प्रेरित मीडिया ने लंबे समय तक भारत की नकारात्मक छवि प्रस्तुत की है। ऐसे में स्वदेशी कार्यकर्ताओं का दायित्व है कि वे सकारात्मक प्रचार के माध्यम से भारत की वास्तविक शक्ति एवं उपलब्धियों को समाज के सामने रखें। तृतीय सत्र में कुटुंब प्रबोधन, कुरुक्षेत्र विभाग के श्री रामनिवास बंसल ने संयुक्त परिवार व्यवस्था को भारतीय संस्कृति एवं आर्थिक सुदृढ़ता का आधार बताया। भाजपा बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ के प्रदेश सह संयोजक डॉ. ऋषि पाल मथाना ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानव दर्शन एवं स्वदेशी दृष्टि पर विस्तार से जानकारी दी। वहीं प्रांत संगठक कुलदीप सिंह ने स्वदेशी जागरण मंच की विकास यात्रा एवं संगठन विस्तार पर प्रकाश डाला। समापन सत्र में कुरुक्षेत्र एवं कैथल जिलों की वार्षिक कार्य रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। डॉ. अंकेश्वर प्रकाश ने आगामी कार्य योजना एवं नए दायित्वों की घोषणा की। प्रोफेसर सोमनाथ सचदेवा ने स्वदेशी शोध संस्थान की स्थापना एवं उसके उद्देश्यों की जानकारी देते हुए भारत को समृद्ध एवं आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में वर्ग प्रमुख डॉ. रणवीर सिंह ने सभी वक्ताओं, कार्यकर्ताओं एवं व्यवस्था में सहयोग देने वाले सभी बंधुओं का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से डॉ. संगीता, डॉ. सोनिका, सुश्री श्रुति, डॉ. निधि, सुश्री सुजाता, सुश्री उर्वशी, सुश्री सिया, विभाग पूर्णकालिक श्री ताराचंद, श्री हरिकेश, श्री अशोक वासुदेव, डॉ. जोरावर सिंह, श्री अजमेर, श्री गगन, डॉ. तरूण, सुरजभान, डॉ. सचिन, डॉ. बलदेव, श्री हर्ष, डॉ. कुलबीर, श्री प्रदीप, श्री पुनीत चौधरी, सीए मोहित, श्री राजकुमार एवं सुरेश शर्मा सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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