भू-राजनीतिक जोखिमों और कच्चे माल के संकट से निपटने के लिए नई सप्लाई चेन रणनीति तैयार

भारत की प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनी [Mahindra & Mahindra](https://www.mahindra.com/utm_source=chatgpt.com) (एमऐंडएम) ने वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे माल की अनिश्चितता और सप्लाई चेन संकटों से निपटने के लिए बड़ी रणनीति तैयार की है। कंपनी ने अपने पूरे आपूर्ति तंत्र की गहराई से समीक्षा करते हुए 1,00,600 करोड़ रुपये की खरीद प्रणाली, करीब 1 लाख पुर्जों और 40 तरह की कमोडिटी का जोखिम विश्लेषण किया है। इस अध्ययन में 82 पुर्जा समूहों और 9 कमोडिटी को उच्च जोखिम श्रेणी में रखा गया है। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक Anish Shah ने बताया कि कोविड-19 महामारी, सेमीकंडक्टर संकट और रूस-यूक्रेन युद्ध जैसी घटनाओं से मिले अनुभवों के बाद कंपनी अब अस्थायी उपायों के बजाय दीर्घकालिक और संरचनात्मक मजबूती पर ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि कंपनी ने परिचालन, डिजाइन और सोर्सिंग स्तर पर बहु-स्तरीय रणनीति अपनाई है, जिसमें अतिरिक्त स्टॉक रखना, वैकल्पिक आपूर्तिकर्ताओं को विकसित करना, स्थानीय स्तर पर सप्लायर नेटवर्क बढ़ाना और “इंटेलिजेंस डेस्क” बनाना शामिल है, ताकि किसी भी वैश्विक संकट पर तुरंत प्रतिक्रिया दी जा सके। एमऐंडएम के अनुसार कंपनी ने सप्लाई चेन को “जोखिम मुक्त” बनाने के लिए कई स्थायी कदम उठाए हैं। निवेशक प्रस्तुतीकरण में बताया गया कि अब कंपनी बहु-आपूर्तिकर्ता मॉडल पर काम कर रही है ताकि किसी एक सप्लायर पर निर्भरता कम हो सके। इसके अलावा उच्च जोखिम वाली सामग्रियों के उपयोग को व्यवस्थित किया जा रहा है और जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक डिजाइन अपनाने की तैयारी भी रखी गई है। कंपनी का “कमोडिटी इम्युनिटी प्रोग्राम” और “रिस्क-फ्री सप्लाई चेन” अब कारोबारी रणनीति का स्थायी हिस्सा बन चुके हैं। अनीश शाह ने कहा कि इन उपायों से कंपनी को पहले ही सेमीकंडक्टर, दुर्लभ खनिजों और मेमरी चिप्स की कमी जैसी समस्याओं से निपटने में मदद मिली है। ऑटो सेक्टर में लगातार बढ़ती प्रतिस्पर्धा और वैश्विक तनावों के बीच यह रणनीति कंपनी के उत्पादन को बिना रुकावट जारी रखने में अहम भूमिका निभाएगी। दरअसल, साल 2020 के बाद दुनिया की सप्लाई चेन लगातार संकटों से जूझ रही है। कोविड-19 महामारी के दौरान फैक्ट्रियां बंद हुईं, कंटेनर और लॉजिस्टिक व्यवस्था बाधित हुई तथा सेमीकंडक्टर की भारी कमी से वाहन उद्योग बुरी तरह प्रभावित हुआ। इसके बाद रूस-यूक्रेन युद्ध ने ऊर्जा बाजार और कमोडिटी कीमतों को झटका दिया। चिप निर्माण में इस्तेमाल होने वाली दुर्लभ गैसों और धातुओं की आपूर्ति भी प्रभावित हुई। ऐसे माहौल में कई वैश्विक कंपनियां अब “लोकलाइजेशन”, “मल्टी-सोर्सिंग” और “स्ट्रैटेजिक स्टॉकिंग” जैसे मॉडल अपना रही हैं। एमऐंडएम की नई रणनीति इसी वैश्विक बदलाव का हिस्सा मानी जा रही है, जिसका उद्देश्य भविष्य में किसी भी अंतरराष्ट्रीय संकट के बावजूद उत्पादन और कारोबार को सुचारु बनाए रखना है।

Manisha Saini
58
Get In Touch

Dharmakshetra, Shiv Shakti Mandir, Babu Genu Marg,
Sector 8, Rama Krishna Puram,
New Delhi, Delhi 110022

+91 80031 98250

info@mysba.co.in

Follow Us
Useful link

About Us

Contact Us