नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी National Testing Agency ने CUET UG 2026 परीक्षा को लेकर बड़ा यू-टर्न लेते हुए नया नोटिस जारी किया है। पहले एनटीए ने छात्रों को परीक्षा शहर के साथ-साथ परीक्षा की तारीख और शिफ्ट बदलने का विकल्प दिया था, लेकिन अब 24 घंटे के भीतर ही अपने फैसले में बदलाव कर दिया गया है। नए नोटिस के अनुसार अब उम्मीदवार केवल अपनी स्टेट और सिटी बदलने के लिए ही आवेदन कर सकेंगे, जबकि परीक्षा की तारीख और शिफ्ट पहले जैसी ही रहेंगी। यह फैसला उन हजारों छात्रों की शिकायतों के बाद लिया गया, जिन्हें आवेदन में चुने गए शहरों की जगह काफी दूर के परीक्षा केंद्र आवंटित किए गए थे। खासतौर पर दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों के कई छात्रों को आगरा और जयपुर जैसे शहरों में सेंटर मिलने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा था। इसके बाद एनटीए ने पहली बार री-अलॉकेशन विंडो शुरू की थी, लेकिन अब उसमें संशोधन कर दिया गया है। एनटीए ने बताया कि CUET UG 2026 की परीक्षा 11 मई से शुरू होगी और फिलहाल 31 मई तक निर्धारित शेड्यूल के अनुसार ही आयोजित की जाएगी। एजेंसी ने साफ किया है कि यदि जरूरत पड़ी तो परीक्षा के दिनों में दो या तीन दिन की बढ़ोतरी भी की जा सकती है। इस बार परीक्षा देशभर में 35 शिफ्ट में आयोजित की जा रही है और कुल 9222 सब्जेक्ट कॉम्बिनेशन बनाए गए हैं। CUET UG के लिए इस वर्ष रिकॉर्ड 15.68 लाख यूनिक उम्मीदवारों ने आवेदन किया है। आवेदन प्रक्रिया के दौरान छात्रों को चार परीक्षा शहर चुनने का विकल्प दिया गया था, लेकिन सीटों की सीमित उपलब्धता के कारण कई छात्रों को उनकी पसंद के शहर नहीं मिल सके। एनटीए के अनुसार लगभग 79 प्रतिशत उम्मीदवारों को उनकी पहली पसंद का शहर दिया गया है, जबकि 96.6 प्रतिशत छात्रों को उनकी चार पसंदों में से किसी न किसी शहर में परीक्षा केंद्र मिला है। हालांकि अभी भी करीब 55 हजार ऐसे उम्मीदवार हैं, जिन्हें उनकी प्राथमिकताओं के अनुसार परीक्षा शहर नहीं मिल पाया है। नए नियमों के तहत अब यही 55 हजार उम्मीदवार 7 मई रात 11:50 बजे तक अपनी स्टेट और सिटी बदलने के लिए आवेदन कर सकते हैं। जो छात्र तय समय सीमा के भीतर यह विकल्प नहीं चुनेंगे, उन्हें पहले जारी एडमिट कार्ड के अनुसार ही परीक्षा देनी होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार एनटीए द्वारा परीक्षा केंद्रों में किए गए बदलावों से परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों की संख्या पहले की तुलना में काफी बढ़ सकती है। Guru Gobind Singh Indraprastha University के परीक्षा नियंत्रक प्रो. गुलशन कुमार धमीजा के अनुसार पहले दूर सेंटर मिलने के कारण कई छात्र परीक्षा ही छोड़ देते थे, लेकिन अब बेहतर सेंटर आवंटन से परीक्षा में शामिल होने वालों का प्रतिशत 90 से अधिक पहुंच सकता है। इस बार छात्रों को अधिकतम पांच विषय चुनने की सुविधा दी गई है, जिसके चलते कुल 67 लाख से ज्यादा टेस्ट इंस्टेंस बने हैं। शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में उम्मीदवारों की परीक्षा आयोजित करना एनटीए के लिए बड़ी चुनौती है, इसलिए एजेंसी लगातार व्यवस्थाओं में सुधार करने की कोशिश कर रही है।
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