प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोगों से एक साल तक सोना कम खरीदने की अपील का असर अब बाजार में दिखाई देने लगा है। सोमवार को सर्राफा बाजार खुलते ही सोने की मांग में कमी देखी गई, जबकि चांदी की कीमतों में तेजी आ गई। बताया जा रहा है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण भारत के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में सरकार चाहती है कि लोग सोने का आयात कम करें, ताकि देश की अर्थव्यवस्था और रुपये को मजबूती मिल सके। इसी वजह से पीएम मोदी ने लोगों से कुछ समय तक सोना न खरीदने की अपील की है। बाजार के जानकारों के अनुसार, पीएम मोदी की अपील के बाद लोगों का रुझान चांदी की ओर बढ़ा है। सोमवार को चांदी की कीमतों में करीब 2,200 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी दर्ज की गई और इसकी कीमत 2,64,922 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई। वहीं सोने की कीमतें लगभग स्थिर रहीं। मुंबई के मशहूर जवेरी बाजार के व्यापारियों का कहना है कि लोग अब निवेश के लिए सोने के बजाय चांदी और दूसरे विकल्पों की तरफ ध्यान दे रहे हैं। व्यापारियों ने यह भी कहा कि लोग जरूरत के हिसाब से ही सोना खरीदें और केवल निवेश के लिए अधिक खरीदारी से बचें। भारत में सोना केवल निवेश नहीं, बल्कि परंपरा और भावनाओं से भी जुड़ा हुआ है। शादी-ब्याह और त्योहारों में लोग सोना खरीदना शुभ मानते हैं। पिछले कुछ वर्षों में सोने और चांदी दोनों ने अच्छा रिटर्न दिया है, इसलिए लोगों में इनकी मांग बढ़ी थी। हालांकि अब सरकार का मानना है कि अगर सोने का आयात कम होगा, तो देश की विदेशी मुद्रा की बचत होगी और रुपये की स्थिति मजबूत होगी। विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले समय में लोग फिजिकल गोल्ड की जगह सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) और चांदी जैसे विकल्पों में ज्यादा निवेश कर सकते हैं। अगर यह ट्रेंड जारी रहा, तो देश की अर्थव्यवस्था को तेल संकट के समय भी मजबूती मिल सकती है।
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