पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से ईंधन बचाने की अपील की है। हैदराबाद में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि भारत अपनी जरूरत का 88 प्रतिशत से अधिक कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है, इसलिए लोगों को पेट्रोल-डीजल का कम इस्तेमाल करना चाहिए। उन्होंने मेट्रो से सफर करने, कारपूलिंग अपनाने और जहां संभव हो वहां “वर्क फ्रॉम होम” यानी घर से काम करने की सलाह दी। प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना काल में देश ने ऑनलाइन मीटिंग और घर से काम करने जैसी व्यवस्थाओं को सफलतापूर्वक अपनाया था, इसलिए जरूरत पड़ने पर इन्हें फिर से अपनाया जा सकता है। पीएम मोदी के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर “वर्क फ्रॉम होम” को लेकर बहस शुरू हो गई। X और LinkedIn जैसे प्लेटफॉर्म पर लोगों ने इस विषय पर कई मजेदार मीम्स और पोस्ट शेयर किए। कुछ लोगों ने इसे कर्मचारियों के लिए राहत भरा सुझाव बताया, जबकि कुछ ने कंपनियों पर सवाल उठाए कि वे अब भी कर्मचारियों को ऑफिस बुलाने पर जोर दे रही हैं। कई आईटी प्रोफेशनल्स ने कहा कि रिमोट वर्क पहले भी सफल साबित हुआ है और इससे काम की गुणवत्ता पर ज्यादा असर नहीं पड़ता। कुछ लोगों ने कंपनियों से फिर से हाइब्रिड मॉडल अपनाने की मांग भी की। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स का मानना है कि वर्क फ्रॉम होम से समय, पैसा और ईंधन तीनों की बचत होती है। इससे ट्रैफिक कम होता है, रोजाना की भागदौड़ घटती है और लोगों का तनाव भी कम होता है। कोविड-19 के बाद धीरे-धीरे कम होता वर्क फ्रॉम होम कल्चर अब एक बार फिर चर्चा में आ गया है। पीएम मोदी की अपील के बाद अब यह सवाल उठने लगा है कि क्या आने वाले समय में कंपनियां फिर से रिमोट या हाइब्रिड वर्क मॉडल को अपनाने पर विचार करेंगी।
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