Bhajan Lal Sharma सरकार की कैबिनेट बैठक में राजस्थान के औद्योगिक और ऊर्जा क्षेत्र को लेकर कई बड़े फैसले लिए गए हैं। राज्य कैबिनेट ने ‘राजस्थान औद्योगिक विकास नीति-2026’ को मंजूरी दे दी है, जिसका उद्देश्य राजस्थान को ग्लोबल इंडस्ट्रियल हब के रूप में विकसित करना है। नई नीति में सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर, डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे क्षेत्रों पर विशेष फोकस किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे बड़े पैमाने पर निवेश आएगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। कैबिनेट बैठक में उद्योग लगाने वाले निवेशकों को कई बड़ी राहतें देने का भी फैसला लिया गया। अब यदि तय समय सीमा के भीतर किसी उद्योग को NOC नहीं मिलती है तो उसे स्वतः स्वीकृत माना जाएगा। इसके अलावा कई प्रक्रियाओं को ऑटो-रिन्यूअल व्यवस्था से जोड़ा जाएगा ताकि व्यापारियों और उद्योगपतियों को बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। बैठक में पेट्रोल-डीजल की बढ़ती खपत और गर्मी के संकट को लेकर भी गंभीर चर्चा हुई। सरकार ने पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम को और मजबूत बनाने का फैसला लिया ताकि ईंधन की बचत हो सके। इसी दिशा में केंद्र सरकार के सहयोग से राजस्थान में 262 स्थानों पर बड़े पैमाने पर ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। यह कदम इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने और प्रदूषण कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कैबिनेट ने मंत्रियों को निर्देश दिए कि वे अपने प्रभार वाले जिलों में बिजली और पानी की आपूर्ति की लगातार निगरानी करें। जिलों के दौरे पर नहीं होने की स्थिति में मंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अधिकारियों को दिशा-निर्देश देंगे। बैठक में पेंशनर्स को भी बड़ी राहत दी गई। अब पेंशनधारक मोबाइल ऐप के माध्यम से घर बैठे अपना जीवन प्रमाण पत्र जमा कर सकेंगे और गैर राजपत्रित अधिकारी भी इसे प्रमाणित कर सकेंगे। बैठक के बाद Rajyavardhan Singh Rathore, Heeralal Nagar और Suresh Rawat ने मीडिया को इन फैसलों की जानकारी दी।
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