Piyush Goyal ने कहा है कि आज के दौर में उत्पादकता केवल कार्यकुशलता तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि इसमें नवाचार, तकनीकी क्षमता, लचीलापन और समावेशी विकास भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि “आवश्यकता आविष्कार की जननी है” और भारत ने इसी सोच के आधार पर वैश्विक स्तर पर अपनी नई पहचान बनाई है। केंद्रीय मंत्री के अनुसार Make in India और Unified Payments Interface (UPI) आज भारत में उत्पादकता आधारित बदलाव के सबसे बड़े उदाहरण बनकर उभरे हैं। उन्होंने कहा कि ‘मेक इन इंडिया’ अभियान ने देश के विनिर्माण क्षेत्र को नई गति दी है, जिससे घरेलू उत्पादन, निवेश और रोजगार के अवसरों में वृद्धि हुई है। वहीं UPI ने डिजिटल भुगतान व्यवस्था को तेज, सरल और पारदर्शी बनाकर आर्थिक गतिविधियों को नई मजबूती प्रदान की है। आज छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े उद्योगों तक डिजिटल लेनदेन तेजी से बढ़ रहा है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था अधिक संगठित और आधुनिक बन रही है। पीयूष गोयल ने कहा कि भारत अब केवल उपभोक्ता बाजार नहीं, बल्कि तकनीक और नवाचार आधारित वैश्विक आर्थिक शक्ति के रूप में उभर रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि स्वदेशी क्षमता, डिजिटल तकनीक और आत्मनिर्भरता की दिशा में किए जा रहे प्रयास भारत को विश्व अर्थव्यवस्था में मजबूत स्थान दिला रहे हैं। सरकार का लक्ष्य केवल आर्थिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि रोजगार सृजन, उद्यमिता को बढ़ावा और युवाओं को नए अवसर उपलब्ध कराना भी है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत अभियान के माध्यम से देश में विनिर्माण, स्टार्टअप, डिजिटल सेवाओं और नवाचार को लगातार प्रोत्साहन दिया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि UPI जैसी डिजिटल व्यवस्था और मेक इन इंडिया जैसे औद्योगिक अभियान आने वाले वर्षों में भारत की विकास गति को और तेज कर सकते हैं तथा देश को वैश्विक सप्लाई चेन और डिजिटल अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण केंद्र बना सकते हैं।
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