नए युग के लिए बिजली की रीवायरिंग भारत का एनर्जी ट्रांसमिशन बहुत ज्यादा सतर्क

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, खासकर Strait of Hormuz जैसे अहम समुद्री मार्ग पर असर, ने एक बार फिर भारत की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। इस मार्ग से दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल और गैस सप्लाई होता है, और भारत भी अपनी जरूरतों के लिए काफी हद तक आयात पर निर्भर है। ऐसे में किसी भी तरह की बाधा सीधे देश की अर्थव्यवस्था, उद्योग और आम लोगों की जिंदगी पर असर डाल सकती है।भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, जिससे वैश्विक संकट का असर तुरंत महसूस होता है। यही वजह है कि अब जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता को कम करना एक रणनीतिक जरूरत बन गई है। विशेषज्ञ मानते हैं कि सौर और पवन जैसे गैर-जीवाश्म ऊर्जा स्रोत इस चुनौती का बड़ा समाधान बन सकते हैं, क्योंकि एक बार इनकी क्षमता तैयार हो जाए तो ये लंबे समय तक स्थिर ऊर्जा देते हैं और वैश्विक संकट से कम प्रभावित होते हैं।भारत ने इस दिशा में अच्छी प्रगति की है और अब देश के पास 275 गीगावॉट से ज्यादा गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता है। लेकिन मौजूदा हालात यह संकेत देते हैं कि यह रफ्तार अभी पर्याप्त नहीं है। भारत को अपने अक्षय ऊर्जा लक्ष्य को और बढ़ाने, ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और ऊर्जा भंडारण (स्टोरेज) तकनीक पर ज्यादा जोर देने की जरूरत है।

ऊर्जा परिवर्तन के लिए ट्रांसमिशन नेटवर्क बेहद अहम है। अगर बिजली उत्पादन तो बढ़ जाए लेकिन उसे सही जगह तक पहुंचाने का सिस्टम मजबूत न हो, तो पूरा फायदा नहीं मिल पाता। इसलिए राजस्थान, गुजरात, कर्नाटक और तमिलनाडु जैसे राज्यों में ग्रिड और ट्रांसमिशन सिस्टम को तेजी से अपग्रेड करना जरूरी है।इसके साथ ही बैटरी स्टोरेज, पंप्ड हाइड्रो और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना भी जरूरी है, ताकि ऊर्जा का बेहतर उपयोग हो सके। घरेलू स्तर पर एलपीजी पर निर्भरता कम करने के लिए इंडक्शन जैसे विकल्पों को सस्ता और सुलभ बनाना भी एक बड़ा कदम हो सकता है।लंबी अवधि में परमाणु ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिजों (critical minerals) की सप्लाई चेन पर पकड़ बनाना भी जरूरी होगा, ताकि भारत किसी एक देश या क्षेत्र पर ज्यादा निर्भर न रहे।

कुल मिलाकर, मौजूदा वैश्विक संकट भारत के लिए चेतावनी भी है और अवसर भी। अगर देश तेजी से स्वच्छ ऊर्जा, मजबूत ग्रिड और घरेलू उत्पादन क्षमता पर ध्यान देता है, तो वह न सिर्फ ऊर्जा सुरक्षित बन सकता है बल्कि भविष्य में वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य में मजबूत स्थिति भी हासिल कर सकता है।


59
Get In Touch

Dharmakshetra, Shiv Shakti Mandir, Babu Genu Marg,
Sector 8, Rama Krishna Puram,
New Delhi, Delhi 110022

+91 80031 98250

info@mysba.co.in

Follow Us
Useful link

About Us

Contact Us