रिपोर्ट के मुताबिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) भारत में तेजी से “एक्सेस एक्सटेंडर” के रूप में काम कर रहा है, यानी यह उन लोगों तक भी स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचा रहा है जहां डॉक्टर या अस्पताल आसानी से उपलब्ध नहीं होते, खासकर रात के समय, छुट्टियों में या ग्रामीण इलाकों में जहां तुरंत इलाज मिलना मुश्किल होता है। आज बड़ी संख्या में भारतीय लोग AI टूल्स का इस्तेमाल लक्षण पहचानने, बीमारी के बारे में जानकारी लेने, इलाज के विकल्प समझने और मेडिकल रिपोर्ट को आसान भाषा में समझने के लिए कर रहे हैं, जिससे उन्हें तुरंत और स्पष्ट जानकारी मिल जाती है और डॉक्टर के पास जाने से पहले ही एक शुरुआती समझ बन जाती है। इससे न केवल समय की बचत होती है बल्कि खर्च भी कम होता है, क्योंकि छोटी समस्याओं के लिए बार-बार अस्पताल जाने की जरूरत नहीं पड़ती और लोग घर बैठे ही प्राथमिक सलाह पा लेते हैं।
इस तकनीक को अपनाने में युवाओं की भूमिका सबसे अहम है, जहां जेन जेड और मिलेनियल्स तेजी से AI पर भरोसा कर रहे हैं और अपने रोजमर्रा के स्वास्थ्य फैसलों में इसका इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे यह साफ है कि नई पीढ़ी डिजिटल हेल्थ की ओर तेजी से बढ़ रही है। रिपोर्ट यह भी बताती है कि अब स्वास्थ्य सेवाओं का पारंपरिक तरीका बदल रहा है और “हाइब्रिड हेल्थकेयर मॉडल” तेजी से उभर रहा है, जिसमें लोग केवल डॉक्टर या अस्पताल पर निर्भर नहीं रहते बल्कि AI की मदद भी लेते हैं, जिससे इलाज ज्यादा आसान, सुलभ और किफायती बनता है। फिलहाल AI का उपयोग चैटबॉट, मोबाइल ऐप और पहनने वाले स्मार्ट डिवाइस (वियरेबल्स) तक सीमित है, लेकिन आने वाले समय में “एडवांस एजेंटिक AI” की मांग तेजी से बढ़ेगी, जो खुद से डॉक्टर की अपॉइंटमेंट बुक कर सकेगा, रेफरल मैनेज करेगा, दवाओं के संभावित साइड इफेक्ट के बारे में पहले से चेतावनी देगा और मरीज की स्थिति के अनुसार बेहतर सलाह भी देगा। कुल मिलाकर, भारत में AI का बढ़ता उपयोग स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा बदलाव ला रहा है, जिससे इलाज ज्यादा तेज, सस्ता और सुलभ बन रहा है और देश डिजिटल हेल्थ के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ता हुआ नजर आ रहा है।
Dharmakshetra, Shiv Shakti Mandir, Babu Genu Marg,
Sector 8, Rama Krishna Puram,
New Delhi, Delhi 110022
+91 80031 98250
info@mysba.co.in