मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने और अमेरिका-ईरान के बीच शांति समझौते की खबर के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। ब्रेंट क्रूड एक ही दिन में लगभग 5% टूटकर 80 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल और गैस के जहाजों की आवाजाही सामान्य होने की घोषणा की, जिसके बाद बाजार में आपूर्ति संबंधी चिंताएं कम हुईं और तेल की कीमतों पर दबाव बना। निवेशकों ने इसे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए सकारात्मक संकेत माना, जिससे तेल की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली। हालांकि, ब्रोकरेज कंपनी Emkay Global Financial Services ने चेतावनी दी है कि यह राहत लंबे समय तक नहीं रह सकती। कंपनी के अनुसार, भौतिक बाजार (फिजिकल मार्केट) में अभी भी आपूर्ति और मांग का संतुलन पूरी तरह बहाल नहीं हुआ है। होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए तेल आपूर्ति को संकट-पूर्व स्तर तक पहुंचाने में कई सप्ताह या महीनों का समय लग सकता है। वहीं, चीन जैसी बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में रुकी हुई मांग दोबारा बढ़ने पर तेल की कीमतों में फिर तेजी आ सकती है। एमके ग्लोबल का अनुमान है कि आने वाले हफ्तों में कच्चा तेल 90 डॉलर प्रति बैरल या उससे ऊपर तक पहुंच सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही में तेल की औसत कीमत 95 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रह सकती है, जबकि दूसरी छमाही में इसका औसत 85 डॉलर प्रति बैरल रहने का अनुमान है। कंपनी ने पूरे वित्त वर्ष 2027 के लिए ब्रेंट क्रूड का औसत लक्ष्य 90 डॉलर प्रति बैरल बरकरार रखा है। हालांकि, एक राहत भरा अनुमान भी दिया गया है कि 2027 की पहली छमाही के बाद आपूर्ति सामान्य होने और बाजार में संतुलन लौटने पर कीमतों में स्थायी गिरावट आ सकती है तथा वित्त वर्ष के अंत तक तेल 70 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक पहुंच सकता है। ऐसे में फिलहाल तेल बाजार में राहत और जोखिम दोनों साथ-साथ बने हुए हैं।
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